18 January, 2009

बेवफाई के लिए पत्नी भी सजा पाएगी!

दूसरी पत्नी को मुआवजा दिलाने के लिए प्रस्तावित कानून को लेकर पैदा हुए विवाद ने उसे ठंडे बस्ते म डाल दिया है। लेकिन पति-पत्नी से संबंधित एक और नए प्रस्ताव पर सरकार को अब निर्णय करना है। उसे अब यह तय करना है कि बेवफाई के लिए पति की तरह क्या पत्नी को भी सजा दी जानी चाहिए? केंद्र के कानून विभाग द्वारा आईपीसी की धारा 497 में संशोधन करके उन पत्नियों को सजा देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जो दूसरे पुरुष से 'अनैतिक' संबंध रखती हैं। मलीमथ समिति ने कानून में इस तरह का संशोधन करने की सिफारिश की है। महाराष्ट्र सरकार को भेजे पत्र में केंद्र ने प्रस्तावित संशोधन के बारे में उसकी राय पूछी है। मतलब यह कि नए मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को इस 'आमूल' संशोधन के बारे में कैबिनेट से चर्चा करके राय बनानी पड़ेगी। राष्ट्रीय महिला आयोग इस पेशकश पर विरोध दर्ज करा चुकी है। मौजूदा कानून में 'व्यभिचारी' पति को पांच साल की सजा का प्रावधान है। लेकिन इस तरह के गुनाह के लिए पत्नी को सजा देने का कानून नहीं है। वैसे भारत में महिलाओं द्वारा इस तरह के आचरण के मामले बहुत कम होने का अनुभव है। फिर भी पुरुष एवं महिलाओं के साथ एक जैसा न्याय करने की भावना से मलीमथ समिति ने यह संशोधन प्रस्तावित किया है। मौजूदा कानून के तहत पति अपनी पत्नी के गलत बर्ताव के लिए उसके 'प्रियकर' के खिलाफ मामला दायर कर सकता है। सूत्रों ने बताया कि संशोधन करने का यदि फैसला होता है तो पति से बेवफाई करने वाली पत्नी को पांच साल की सजा या जुर्माना या दोनों हो सकता है। अमेरिका में इस किस्म के गुनाहों के लिए सजा है पर बहुत कम! वहां मुआवजा देने पर जोर दिया जाता है। भारत के लिए यह प्रयोग नया है। इसलिए सब यह देखने के लिए आतुर हैं कि सरकार और महिला संगठनों द्वारा इस बारे में क्या रुख अपनाया जाता है।
Source:- 16 December 2008 Navbharat Times

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